“महात्मा फुले योजना में मंजूरी मिलने के बावजूद मरीज से वसूले गए 2 लाख रुपये; सरकारी योजना के नाम पर खुली लूट ?”
जलगांव | प्रतिनिधि – ग्लोबल न्यूज़ 24 लाइव नेटवर्क
“सरकार ने गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए योजना शुरू की… लेकिन हमसे 2 लाख रुपये वसूल लिए गए। क्या यही न्याय है?” — यह सवाल एक मरीज के बेटे ने सरकार और सिस्टम से पूछा है।
महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत इलाज की मंजूरी मिलने के बावजूद, जलगांव के एक नामी निजी अस्पताल में भर्ती एक गरीब मरीज के परिजनों से 2 लाख रुपये वसूले गए — इस गंभीर धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है।
मरीज का नाम: असलम खान सुलतान खान ,
बीमारी: हृदय की गंभीर तकलीफ (ब्लॉकेज – ऑपरेशन)
अस्पताल में भर्ती का समय: 2 मई 2025, सुबह 10:30 बजे
एनरोलमेंट आईडी: ABPMJAY-MJPJAY/ENR/00727423
मंजूरी का समय: 12:10 बजे
वेरिफिकेशन का समय: 12:38 बजे
राशन कार्ड का प्रकार: ऑरेंज कार्डधारक
अस्पताल: श्री छत्रपती शाहू महाराज हॉस्पिटल, जलगांव
आरोग्यमित्र: सागर
मरीज असलम खान को अचानक हृदय में दर्द उठा, जिसके बाद उनके बेटे तौसीफ खान ने उन्हें तत्काल श्री छत्रपती शाहू महाराज हॉस्पिटल, जलगांव में भर्ती कराया। डॉक्यूमेंट्स सबमिट करने के बाद योजना की मंजूरी भी कुछ ही घंटों में मिल गई। परिजनों ने बताया कि सलाईन और सामान्य निगरानी के बाद पूरा दिन बीत गया, लेकिन कोई डॉक्टर ऑपरेशन के लिए नहीं आया। रात 9 बजे एक डॉक्टर ने आकर बताया:
“ऑपरेशन तुरंत करना होगा, लेकिन योजना लागू नहीं होगी। पैसा लगेगा। योजना मंजूर हो चुकी है, पर पैसे कब आएंगे कुछ कहा नहीं जा सकता। देरी हुई तो मरीज की जान जा सकती है।”
साथ ही कहा गया: “ऑपरेशन टाल नहीं सकते। तुरंत पैसे दीजिए नहीं तो दिक्कत होगी।” 2 लाख रुपये की वसूली:
इस दबाव में आकर तौसीफ खान ने किसी तरह ₹2 लाख रुपये का इंतजाम किया और दो किश्तों में हॉस्पिटल को भुगतान किया। इसके अलावा ₹15,000 रुपये की दवाइयाँ और मेडिकल सामान बाहर से खरीदा गया, जिसका बिल और अन्य दस्तावेज तौसीफ ने शिकायत के साथ संलग्न किया है।
शिकायत और प्रतिक्रिया:
17 मई 2025 को तौसीफ खान ने महात्मा फुले योजना के अधिकृत ईमेल पर शिकायत भेजी, जिसे GR50872/2025 शिकायत क्रमांक के तहत पंजीकृत किया गया।
तौसीफ बताते हैं: “अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद जब मैंने ये पूरा वाकया अपने एक दोस्त को बताया, तो उसने इसे धोखाधड़ी और न्याय का हनन कहा और मुझे सामाजिक कार्यकर्ता मतीन पटेल से संपर्क करने की सलाह दी।”
“मैंने मतीन पटेल से संपर्क किया और उन्हें पूरा मामला बताया। उन्होंने तुरंत योजना, मरीज के अधिकार और कानूनी नियमों की जानकारी देकर हमारा मार्गदर्शन किया।”
हॉस्पिटल ने 10-12 दिन बाद हमें बुलाया, तो मतीन पटेल स्वयं हमारे साथ मौजूद थे।” अस्पताल ने वहां एक फर्जी दस्तावेज दिखाया जिसमें यह दर्शाया गया था कि तौसीफ और उनके परिवार ने योजना को अस्वीकार किया है।
इस पर तौसीफ कहते हैं: “हमें बहुत झटका लगा। हमने कोई योजना अस्वीकार नहीं की थी। उन्होंने ब्लैंक कागज़ पर साइन करवाए थे। उस समय मानसिक दबाव बहुत था, पर हमने कभी योजना को मना नहीं किया था।”
महात्मा फुले जन आरोग्य योजना क्या है?
उद्देश्य: गरीब और जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज
पात्रता: ऑरेंज और येलो राशन कार्डधारक
सेवाएं: ICU, ऑपरेशन, दवाएं, टेस्ट, एंबुलेंस
996 बीमारियों का मुफ्त इलाज: कैंसर, दिल की बीमारियां, किडनी, हड्डी की सर्जरी आदि
क्या योजना के तहत पैसे लेना अपराध है?
हाँ।
योजना के अंतर्गत मंजूरी मिलने के बाद रुग्ण या परिजन से कोई भी शुल्क लेना कानूनन अपराध है। यह एक प्रकार की धोखाधड़ी है।
योजना लागू करने वाले अस्पताल की शर्तें:
सरकारी मान्यता प्राप्त (Empanelment)
नियुक्त आरोग्यमित्र
24 घंटे डॉक्टर्स और स्टाफ
मरीज से किसी भी प्रकार की राशि न वसूलना
तौसीफ खान की मुख्य माँगें:
- इस पूरे मामले की गंभीर जांच की जाए
- ₹2 लाख 15 हजार रुपये की वसूली की राशि वापस दी जाए
- जिम्मेदार डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई की जाए
- राज्यभर में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
अंत में एक बड़ा सवाल:
“अगर योजना मंजूर थी और ऑपरेशन मुफ्त होना था, तो हमसे पैसे क्यों लिए गए? क्या यही हाल दूसरे गरीबों के साथ भी हो रहा है? इसका जवाब शासन को देना चाहिए।” तौसीफ अहमद, शिकायतकर्ता
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