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महंगाई के दौर में राहत की रोटी: साइद जिलानी ₹5 में बेच रहे हैं गरम रोटी

जलगांव (ग्लोबल न्यूज़ 24 लाइव):
जहां महंगाई ने आम आदमी की जेब
पर बोझ बढ़ा दिया है, वहीं जलगांव के मशहूर शायर साइद जिलानी (जलगावी) ने एक ऐसा सामाजिक-व्यावसायिक मॉडल खड़ा किया है, जो शहर के गरीब, मज़दूर, पढ़ने वाले बच्चे, नौकरी की तलाश में दूर-दराज़ से आने वाले लोग — जिन्हें घर की रोटी का स्वाद चाहिए — उनके लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरा है।

उन्होंने अपने इस अनोखे प्रयास से साबित कर दिया है कि गरीबों का ख्याल रखते हुए भी एक सफल उद्यम चलाया जा सकता है।

मेहरून के शेरा चौक के कॉर्नर पर उन्होंने अपना एक छोटा-सा स्टॉल लगाया है, जहां ‘पेट की भूख’ मिटाने के साथ वे एक नया बिज़नेस मॉडल भी पेश कर रहे हैं।

यह कोई फैंसी आउटलेट नहीं, बल्कि एक बेहद साधारण सेटअप है, जहां रोटियों को एक विशेष इंसुलेटेड डिब्बे में रखा जाता है ताकि वे लंबे समय तक गरम और नरम बनी रहें।

इस स्टॉल पर मिलने वाली शुद्ध गेहूं की ताज़ी रोटी की कीमत महज़ ₹5 है। यह जलगांव में शायद पहला ऐसा स्टॉल है जो इतनी कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली रोटी उपलब्ध करा रहा है।

मुनाफा कम, मकसद बड़ा: रोज़ 400 रोटियों की बिक्री

जिलानी साहब का यह कॉन्सेप्ट सिर्फ़ सस्ता बेचना नहीं है; यह गरीबों की भूख मिटाने के संकल्प और स्व-रोज़गार का बेहतरीन मेल है।

महंगे बाज़ार के उलट, जिलानी साहब गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते। उनकी रोटियाँ इतनी अच्छी होती हैं कि न केवल रोज़मर्रा के ग्राहक, बल्कि बड़ी पार्टियाँ और इवेंट आयोजक भी अपने ऑर्डर यहीं से देते हैं।

रोज़ाना 400 से अधिक रोटियों की बिक्री, उनके इस “कम मुनाफ़ा, बड़ा दिल” मॉडल की सफलता को दर्शाती है।

गरीबों का ख्याल और कमाई का सम्मानजनक मार्ग

साइद जिलानी साहब ने उस धारणा को तोड़ा है कि गरीबों के लिए सोचने का मतलब सिर्फ़ दान देना है। उन्होंने एक ऐसा टिकाऊ (Sustainable) व्यावसायिक मार्ग चुना है, जिससे वे सम्मानजनक ढंग से कमाई करते हुए, महंगाई के इस दौर में असहाय लोगों को बड़ी राहत दे रहे हैं।

यह पहल जलगांव को एक स्पष्ट संदेश देती है —

“सच्ची नीयत और व्यावहारिक सोच से समाज और व्यवसाय दोनों को एक साथ पोषित किया जा सकता है।”


ग्लोबल न्यूज़ 24 लाइव इस प्रेरणादायक पहल की सराहना करता है।

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