हज यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी; अब मक्का-मदीना के साथ पूरा सऊदी अरब घूम सकेंगे जायरीन! सऊदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, भारतीय हाजियों को मिलेगा बड़ा फायदा

रियाद | विशेष रिपोर्ट
दुनियाभर के हज यात्रियों, खासकर भारत से जाने वाले लाखों जायरीनों के लिए एक बेहद अहम और खुशी की खबर सामने आई है। अब हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को केवल मक्का और मदीना तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे पूरे सऊदी अरब के विभिन्न शहरों की यात्रा भी कर सकेंगे।
सऊदी अरब सरकार ने अपने नए नियमों के तहत हज वीजा धारकों पर लगे पुराने यात्रा प्रतिबंधों को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अब हज यात्रियों को रियाद, दम्माम, तबूक, अल-उला और अन्य ऐतिहासिक एवं आधुनिक शहरों में जाने की अनुमति होगी।
यह फैसला सऊदी अरब के “विजन 2030” मिशन के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य देश को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और आधुनिक पर्यटन का भी वैश्विक केंद्र बनाना है।
पहले हज वीजा पर आने वाले यात्रियों को केवल मक्का, मदीना और जेद्दा तक ही सीमित रखा जाता था। इन शहरों के बाहर यात्रा करना नियमों के खिलाफ माना जाता था। लेकिन अब वर्षों पुरानी यह पाबंदी खत्म कर दी गई है, जिससे दुनिया भर के हज यात्रियों में खुशी की लहर है।
भारतीय हाजियों को क्या होगा फायदा?
रिश्तेदारों से मुलाकात आसान
सऊदी अरब के रियाद, दम्माम, खोबार और अन्य शहरों में लाखों भारतीय काम और कारोबार के सिलसिले में रहते हैं। अब भारत से हज के लिए जाने वाले लोग अपने रिश्तेदारों और परिचितों से आसानी से मुलाकात कर सकेंगे।

ऐतिहासिक जगहें देखने का मौका
अब भारतीय जायरीन “अल-उला” जैसे विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों की सैर भी कर सकेंगे, जो अपनी प्राचीन विरासत और खूबसूरत पर्यटन स्थलों के लिए दुनियाभर में मशहूर है।
बेहतर ट्रैवल सुविधा
यात्री देश के अलग-अलग शहरों में जाने के लिए घरेलू फ्लाइट्स और “हरमैन हाई-स्पीड रेलवे” जैसी आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे सफर आसान और आरामदायक होगा।
हज यात्रियों के लिए जरूरी बातें
- यह सुविधा केवल हज वीजा की वैध अवधि तक ही लागू रहेगी।
- यात्रियों को यात्रा और परमिशन के लिए “नुसुक” ऐप और आधिकारिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करना होगा।
- यात्रियों को अपनी वापसी फ्लाइट की तारीख और नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा।
सऊदी अरब सरकार का यह फैसला हज यात्रा को केवल इबादत तक सीमित न रखकर, उसे एक नई सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान देने वाला माना जा रहा है। भारतीय हाजियों के लिए यह निर्णय न सिर्फ सुविधाजनक साबित होगा, बल्कि उन्हें सऊदी अरब में बसे अपने लोगों और वहां की संस्कृति को करीब से जानने का अवसर भी देगा।
